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वलà¥à¤—स घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ à¤à¤• अकà¥à¤·à¤® सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो सà¤à¥€ उमà¥à¤° के रोगियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ का à¤à¤‚टीवालà¥à¤—स ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ वलà¥à¤—स को ठीक करने, यà¥à¤µà¤¾ या मधà¥à¤¯à¤® आयॠके रोगी में दरà¥à¤¦ को खतà¥à¤® करने और कà¥à¤² घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ से बचने या देरी करने के लिठपसंद का उपचार है। डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल लेटरल ओपनिंग वेज पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मधà¥à¤¯à¤® या बड़े सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के लिठविकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होती है और औसत दरà¥à¤œà¥‡ का फेमोरल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में विशेष रूप से आसान और सटीक है। हालांकि, यदि विकृति नà¥à¤¯à¥‚नतम है, तो तेजी से ठीक होने और ठीक होने में कम समय के साथ à¤à¤• टिबियल मेडियल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की जा सकती है।
परिचय
ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ के पीछे तरà¥à¤• घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर कोणीय विकृति को ठीक करना है और इसलिà¤, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ डिबà¥à¤¬à¥‡ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤° वहन करने वाले à¤à¤¾à¤° को कम करना है जो अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे अधिक शामिल है। चूंकि 1970 के दशक में घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के गंà¤à¥€à¤° अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ और सूजन संबंधी बीमारियों के लिठवैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार सीमित थे, à¤à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ और कोणीय विकृति की à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¤à¤¾ की परवाह किठबिना ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (ओà¤), रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ गठिया और माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के लिठऊरॠऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ का उपयोग किया गया था।
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के ओठया पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• कंडà¥à¤°à¤² पैथोलॉजी वाले यà¥à¤µà¤¾ रोगी आरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨ के लिठà¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ उपचार दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करते हैं। वलà¥à¤—स दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ à¤à¤• अकà¥à¤·à¤® सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो सà¤à¥€ उमà¥à¤° के रोगियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। वलà¥à¤—स विकृति को ठीक करने और दरà¥à¤¦ और अनà¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को खतà¥à¤® करने के लिठà¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ पसंद का उपचार है। विशेष रूप से, लेटरल फेमोरो-टिबियल कमà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ गठिया या लेटरल फेमोरल कंडील के उपासà¥à¤¥à¤¿ को नà¥à¤•सान वाले मरीज à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठउमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° होते हैं। लेटरल फेमोरल कॉनडील और लेटरल टिबियल पठार दोनों में उतà¥à¤¤à¤² सतहें होती हैं, जिनमें से सरà¥à¤µà¤¾à¤‚गसम पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिसà¥à¤•स की अखंडता के लिठधनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ बनाठरखा जाता है। मेनसà¥à¤•स की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ विरोधी उपासà¥à¤¥à¤¿ सतह के पà¥à¤°à¤—तिशील गिरावट का कारण बन सकती है, तनाव की बढ़ती à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ के कारण। पूरà¥à¤µ में खेल गतिविधियों में शामिल होने वाले मधà¥à¤¯à¤® आयॠवरà¥à¤— के रोगियों में लेटरल फीमोरो-टिबियल आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ विकसित हो सकता है, जिससे कम उमà¥à¤° में लेटरल मेनिसकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ हो सकती है। à¤à¤• पूरà¥à¤µà¤•ाल कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (à¤à¤¸à¥€à¤à¤²) और या पशà¥à¤š कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (पीसीà¤à¤²) तीवà¥à¤° आंसू या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ शिथिलता से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पारà¥à¤¶à¥à¤µ ऊरॠशंकà¥à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤· के उपासà¥à¤¥à¤¿ को नà¥à¤•सान à¤à¥€ पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ का कारण बन सकता है। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ वलà¥à¤—स विकृति à¤à¥€ मेनिसà¥à¤•स के तेजी से अध: पतन और फिर उपासà¥à¤¥à¤¿ के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ गठिया का कारण बन सकती है। à¤à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिसà¥à¤•स सिसà¥à¤Ÿ या लेटरल डिसà¥à¤•ॉइड मेनिसà¥à¤•स यà¥à¤µà¤¾ à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ "सबटोटल" मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठअपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत लगातार संकेत का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ को à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठउमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° माना जा सकता है। पूरà¥à¤µ में खेल गतिविधियों में शामिल होने वाले मधà¥à¤¯à¤® आयॠवरà¥à¤— के रोगियों में लेटरल फीमोरो-टिबियल आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ विकसित हो सकता है, जिससे कम उमà¥à¤° में लेटरल मेनिसकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ हो सकती है। à¤à¤• पूरà¥à¤µà¤•ाल कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (à¤à¤¸à¥€à¤à¤²) और या पशà¥à¤š कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (पीसीà¤à¤²) तीवà¥à¤° आंसू या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ शिथिलता से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पारà¥à¤¶à¥à¤µ ऊरॠशंकà¥à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤· के उपासà¥à¤¥à¤¿ को नà¥à¤•सान à¤à¥€ पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ का कारण बन सकता है। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ वलà¥à¤—स विकृति à¤à¥€ मेनिसà¥à¤•स के तेजी से अध: पतन और फिर उपासà¥à¤¥à¤¿ के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ गठिया का कारण बन सकती है। à¤à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिसà¥à¤•स सिसà¥à¤Ÿ या लेटरल डिसà¥à¤•ॉइड मेनिसà¥à¤•स यà¥à¤µà¤¾ à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ "सबटोटल" मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठअपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत लगातार संकेत का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ को à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठउमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° माना जा सकता है। पूरà¥à¤µ में खेल गतिविधियों में शामिल होने वाले मधà¥à¤¯à¤® आयॠवरà¥à¤— के रोगियों में लेटरल फीमोरो-टिबियल आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ विकसित हो सकता है, जिससे कम उमà¥à¤° में लेटरल मेनिसकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ हो सकती है। à¤à¤• पूरà¥à¤µà¤•ाल कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (à¤à¤¸à¥€à¤à¤²) और या पशà¥à¤š कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ (पीसीà¤à¤²) तीवà¥à¤° आंसू या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ शिथिलता से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पारà¥à¤¶à¥à¤µ ऊरॠशंकà¥à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤· के उपासà¥à¤¥à¤¿ को नà¥à¤•सान à¤à¥€ पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ का कारण बन सकता है। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ वलà¥à¤—स विकृति à¤à¥€ मेनिसà¥à¤•स के तेजी से अध: पतन और फिर उपासà¥à¤¥à¤¿ के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ गठिया का कारण बन सकती है। à¤à¤• पारà¥à¤¶à¥à¤µ मेनिसà¥à¤•स सिसà¥à¤Ÿ या लेटरल डिसà¥à¤•ॉइड मेनिसà¥à¤•स यà¥à¤µà¤¾ à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ "सबटोटल" मेनिससेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठअपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत लगातार संकेत का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ को à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठउमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° माना जा सकता है।
के लिठजाओ:
संकेत और मतà¤à¥‡à¤¦
आजकल हम मानते हैं कि डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ के लिठचà¥à¤¨à¥‡ गठमरीजों में à¤à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤² मैलिगà¥à¤¨à¥à¤®à¥‡à¤‚ट के साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यूनिकोपारà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥‡à¤‚टल ओठहोना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° और अनà¥à¤¯ आघात, जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ और अधिगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ विकृति, और इडियोपैथिक ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¥‡à¤•à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¥€ विशेष मामलों में ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के संकेत हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥€ कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ उमà¥à¤° नहीं है कि किस उमà¥à¤° से कम वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ करनी चाहिठऔर इससे अधिक उमà¥à¤° में आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ करनी चाहिà¤à¥¤ 60 वरà¥à¤· की आयॠसबसे अधिक उदà¥à¤§à¥ƒà¤¤ की जाती है, लेकिन गतिविधि सà¥à¤¤à¤°, जीवन शैली और सामानà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर विचार किया जाना चाहिà¤à¥¤ जैसा कि आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करेंगे, उमà¥à¤° के विचार बदल सकते हैं; लेकिन यह अà¤à¥€ à¤à¥€ बना हà¥à¤† है कि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ के लिठऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ रोगियों का आयॠसमूह आम तौर पर कम होता है। आगे, वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत यà¥à¤µà¤¾ रोगियों में गैर-विà¤à¤¾à¤—ीय OA के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• उपचार की ओर उनà¥à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बेहतर परिणाम की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की जाती है जब अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण में आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। आमतौर पर गति की अचà¥à¤›à¥€ तरह से बनाठरखा रेंज (ROM) के साथ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से गैर-विà¤à¤¾à¤—ीय OA के लिठऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ सबसे अचà¥à¤›à¤¾ किया जाता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ शायद रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ गठिया के रोगियों में नहीं किया जाना चाहिà¤, बहà¥à¤¤ असà¥à¤¥à¤¿à¤° घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ वाले रोगियों में, न ही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में 20 ° से अधिक वैरस विकृति के साथ, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, इनसाल के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, ये घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° लिगामेंटस शिथिलता और उदासीनता से जटिल होते हैं। उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¤• सापेकà¥à¤· contraindication है; वासà¥à¤¤à¤µ में, à¤à¤²à¥‡ ही इतनी बड़ी विकृति में यांतà¥à¤°à¤¿à¤• अकà¥à¤· के सà¥à¤§à¤¾à¤° के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प शिथिल संपारà¥à¤¶à¥à¤µà¤¿à¤• लिगामेंटस कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ हो सकता है,
वैलà¥à¤—स विकृति और पूरà¥à¤µà¤•ाल कà¥à¤°à¥‚सिà¤à¤Ÿ लिगामेंट (à¤à¤¸à¥€à¤à¤²) अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¤à¤¾ वाले रोगी का इलाज डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के अलावा à¤à¤¸à¥€à¤à¤² पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ के साथ किया जा सकता है। तकनीकी रूप से कठिन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, लिगामेंट पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ विकार को संबोधित करता है और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को ठीक करता है। चूंकि यह नियमित पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं है, इसलिठयहां इसकी चरà¥à¤šà¤¾ नहीं की जाà¤à¤—ी। हालांकि, दरà¥à¤¦ और असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को यथासंà¤à¤µ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से अलग किया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब दरà¥à¤¦ होता है, विशेष रूप से गतिहीन रोगियों में, संरेखण में सà¥à¤§à¤¾à¤°, पारà¥à¤¶à¥à¤µ डिबà¥à¤¬à¥‡ के दरà¥à¤¦ के परिणामी राहत के साथ à¤à¤• संतोषजनक उपचार हो सकता है।
अधिक वजन वाले रोगी का मामला à¤à¤• विवादासà¥à¤ªà¤¦ विषय है जो विचारों का टकराव पैदा करता है। कई आरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• ऑपरेशनों में सरà¥à¤œà¤°à¥€ के परिणाम पर मोटापे का नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। अधिकांश लोग इस बात से सहमत होंगे कि अधिक शरीर का वजन à¤à¤• मरीज को आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठबेहतर उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° बना सकता है, लेकिन यह à¤à¥€ सच है कि संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सामानà¥à¤¯ पोसà¥à¤Ÿà¤‘परेटिव जटिलताओं को देखते हà¥à¤ मोटापा à¤à¤• नकारातà¥à¤®à¤• कारक का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करेगा। जब à¤à¤• रोगी का वजन अधिक होता है, तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले वजन को सामानà¥à¤¯ के करीब लाया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मोटापे से संबंधित ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक परिणामों का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया गया है। ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठकंटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚डिकेशन लेटरल टिबिया या फीमर की हडà¥à¤¡à¥€ की गंà¤à¥€à¤° हानि (कà¥à¤› मिलीमीटर से अधिक) है। जब पारà¥à¤¶à¥à¤µ कमà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट बोनी समरà¥à¤¥à¤¨ अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है, ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद दोनों टिबियल पठारों पर संगत वजन-असर संà¤à¤µ नहीं है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, टिबियोफेमोरल संपरà¥à¤• अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत पà¥à¤°à¤®à¥à¤– इंटरकॉनà¥à¤¡à¤¾à¤‡à¤²à¤° टिबियल सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ पर टीटर करेगा।
गंà¤à¥€à¤° वलà¥à¤—स विकृति की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ टिबिया के उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हो सकती है। 1 सेमी से अधिक सबà¥à¤²à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ के लिठà¤à¤• पूरà¥à¤£ विपरीत संकेत है और कà¥à¤› लेखकों का सà¥à¤à¤¾à¤µ है कि यदि कोई अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ या सबà¥à¤²à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ मौजूद है तो ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤‚टीवालà¥à¤—स ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को पारà¥à¤¶à¥à¤µ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के डिबà¥à¤¬à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण होने वाले दरà¥à¤¦ से राहत देने के लिठडिज़ाइन किया गया है। पेटेलोफेमोरल जोड़ के थोड़े अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठà¤à¤• contraindication नहीं हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल ओपनिंग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद, कà¥à¤¯à¥‚ कोण कम हो जाता है और पूरà¥à¤µà¤•ाल टिबियल टà¥à¤¯à¥‚बरकल को मेडियलाइज़ किया जाता है, पेटेलो फेमोरल कमà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट को उतारता है।
के लिठजाओ:
रेडियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¿à¤• मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन और पà¥à¤°à¥€à¤‘परेटिव पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग
मानक मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन चार लघॠफिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ के साथ निचले अंगों के संरेखण के आकलन के साथ शà¥à¤°à¥‚ होता है: पूरà¥à¤£ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤° वाले à¤à¤Ÿà¤°à¥‹-पोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° दृशà¥à¤¯ और 45 डिगà¥à¤°à¥€ पर दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤° पोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹-पूरà¥à¤µà¤•ाल दृशà¥à¤¯à¥¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन को पूरा करने के लिà¤, हम विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रेडियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¿à¤• विचारों को देखते हैं, जिसमें पेटेलोफेमोरल संयà¥à¤•à¥à¤¤ के मानक पारà¥à¤¶à¥à¤µ और अकà¥à¤·à¥€à¤¯ दृशà¥à¤¯ शामिल हैं। रोसेनबरà¥à¤— वà¥à¤¯à¥‚ [ 1 ], घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के लचीलेपन के 45 डिगà¥à¤°à¥€ पर à¤à¤• तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पशà¥à¤š पूरà¥à¤µà¤•ाल वजन-असर रेडियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼, निदान की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, यदि मानक à¤à¤‚टरोपोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° (à¤à¤ªà¥€) दृशà¥à¤¯ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ संवेदनशील नहीं है (चितà¥à¤°à¥¤ 1). इसका à¤à¤• मजबूत à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ कहनेवाला मूलà¥à¤¯ है, विशेष रूप से जब विकृति à¤à¤• कà¥à¤°à¥‚र अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है, और इसलिठटिबियल पठारों के पीछे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में चोंडà¥à¤°à¤² पहनने की पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ होती है। अधिकांश लेखक घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठà¤à¤• उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने में कंपà¥à¤¯à¥‚टेड टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (सीटी) सà¥à¤•ैन या चà¥à¤‚बकीय अनà¥à¤¨à¤¾à¤¦ इमेजिंग (à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ) की सिफारिश नहीं करते हैं; लेकिन हमें लगता है कि à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पता लगाने योगà¥à¤¯ सबकोनà¥à¤¡à¥à¤°à¤² हडà¥à¤¡à¥€ की तनाव पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, अपने पहले चरण में अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤•मातà¥à¤° संकेत हो सकती है। यदि à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ का संकेत दिया जाता है, तो à¤à¤•à¥à¤¸-रे में शामिल ऊरॠसिर और टखने के साथ à¤à¤• दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ पूरà¥à¤£ लंबाई वाली सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ संरेखण फिलà¥à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करनी चाहिà¤à¥¤ इन फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ से लिठगठकई माप पà¥à¤°à¥€à¤‘परेटिव पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग में मदद करेंगे। यांतà¥à¤°à¤¿à¤• अकà¥à¤· का मापन, ऊरॠसिर के केंदà¥à¤° से ताल के केंदà¥à¤° तक खींची गई à¤à¤• सीधी रेखा सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह इंगित करती है कि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के जोड़ से वजन कहाठसे गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। टिबियल ढलान के माप सहित सैगिटल विमान विकृति के लिठपारà¥à¤¶à¥à¤µ रेडियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¼ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन किया जाता है। डगडेल à¤à¤Ÿ अल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ विधि के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ की योजना बनाई गई है। [2 ]। वजन वहन करने वाली रेखा को औसत दरà¥à¤œà¥‡ से पारà¥à¤¶à¥à¤µ तक टिबियल पठार की चौड़ाई में 48-50% की चयनित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखा गया है। सà¥à¤§à¤¾à¤° कोण ऊरॠसिर के केंदà¥à¤° से टिबिया की चौड़ाई के 50% तक और ताल के केंदà¥à¤° से रेखा के बीच के कोण से 50% समनà¥à¤µà¤¯ (चितà¥à¤°à¥¤ 2). पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के सà¥à¤¤à¤° पर फीमर की चौड़ाई को मापकर, सरà¥à¤œà¤¨ कोणीय सà¥à¤§à¤¾à¤° को पचà¥à¤šà¤° के आकार में बदल सकता है। वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• नैदानिक ​​​​अनà¥à¤à¤µ से पता चला है कि ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ से à¤à¤• इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® दीरà¥à¤˜à¤•ालिक परिणाम के लिठवेरस में सà¥à¤§à¤¾à¤° बिलà¥à¤•à¥à¤² विपरीत है।
सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल विकलà¥à¤ª
à¤à¤‚टी-वालà¥à¤—स ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ करने के लिà¤, सरà¥à¤œà¤¨ तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में से चà¥à¤¨ सकता है: डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल मेडियल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€, डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल लेटरल ओपनिंग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ और पà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤®à¤² टिबियल मेडियल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€à¥¤
डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल मेडियल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€
डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल मेडियल कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤¿à¤‚ग वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ औसत दरà¥à¤œà¥‡ की तरफ से किया जाता है, à¤à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤° टà¥à¤¯à¥‚बरकल के समीपसà¥à¤¥ और ऊरॠआरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° सतह के पूरà¥à¤µà¤•ाल मारà¥à¤œà¤¿à¤¨à¥¤ औसत दरà¥à¤œà¥‡ का सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤•ॉनà¥à¤¡à¤¿à¤²à¤° कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से 2/3 कील लेकर à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤° निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जाता है, पारà¥à¤¶à¥à¤µ कॉरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ को बरकरार रखा जाता है और ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को 90 ° बà¥à¤²à¥‡à¤¡ पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ के साथ लागू किया जाता है, इस पà¥à¤°à¤•ार आंतरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ [3] का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है । ऑफसेट के साथ à¤à¤• साधारण 90° पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ, आमतौर पर इंटरटà¥à¤°à¥‹à¤•ैनेटरिक ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ में उपयोग की जाती है, जो रोगी को जलà¥à¤¦à¥€ लामबंद करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। इस पà¥à¤°à¤•ार के ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठà¤à¤• औसत दरà¥à¤œà¥‡ की और इसलिठअधिक अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, और à¤à¤• सटीक हडà¥à¤¡à¥€ की कील को हटाना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल और सटीक हो सकता है।
ओपन वेज डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€
कम तकनीकी कठिनाइयों के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤²à¤¿à¤ªà¤¿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करने योगà¥à¤¯ परिणाम पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिà¤, वरिषà¥à¤ लेखक (जी. पà¥à¤¡à¥à¤¡à¥‚) ने समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ उपकरणों और पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤‚ की à¤à¤• पूरà¥à¤£ लेकिन सरल पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ विकसित की [ 4 - 6 ]। à¤à¤• अनूठी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में दांत के रूप में à¤à¤• सà¥à¤ªà¥‡à¤¸à¤° होता है, जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आकारों में 5 से 17.5 मिमी मोटाई में उपलबà¥à¤§ होता है। दांत ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ लाइन में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बनाठरखते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है और हडà¥à¤¡à¥€ के बाद के पतन को रोकता है जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प विकृति की पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ हो सकती है। सà¥à¤ªà¥‡à¤¸à¤° की मोटाई सà¥à¤§à¤¾à¤° के वांछित कोण के साथ मेल खाना चाहिà¤, जिसकी गणना पहले से की जाती है। विशेष रूप से ओपनिंग वेज फेमोरल ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ (आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸, नेपलà¥à¤¸, फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¾) के लिठडिज़ाइन की गई पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤‚ टी-आकार की होती हैं, जिसमें चार छेद समीपसà¥à¤¥ होते हैं और तीन छेद दाà¤à¤¤ के बाहर होते हैं (चितà¥à¤°à¥¤ 3). वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ दूसरी पीढ़ी की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ टाइटेनियम मिशà¥à¤° धातॠमें बनी है और इसमें विशेष सà¥à¤•à¥à¤°à¥‚ छेद हैं, जिसके माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤•à¥à¤°à¥‚ को किसी à¤à¥€ दिशा में सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से उनà¥à¤®à¥à¤– किया जा सकता है और फिर पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में बंद कर दिया जाता है (चितà¥à¤°à¥¤ 4). समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल और रदà¥à¤¦ टाइटेनियम मिशà¥à¤° धातॠसà¥à¤•à¥à¤°à¥‚ उपलबà¥à¤§ हैं। à¤à¤• नया उपकरण, "जैक ओपनर" (चितà¥à¤°à¥¤ 5), ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ [ 7 , 8 ] के उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤• "वेज ओपनर" (चितà¥à¤°à¥¤ 6) फिर ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¿à¤• साइट में डाला जाता है। इस डिवाइस के दो अंशांकित पचà¥à¤šà¤° के आकार के टाइन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• बनाते हैं।
डिसà¥à¤Ÿà¤² फेमोरल ओपन वेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€
टाइटेनियम पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ
à¤à¤• बाहरी फ़ाइल जिसमें चितà¥à¤°, चितà¥à¤°à¤£ आदि होते हैं।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को खोलने के लिठà¤à¤• डबल ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤® (जैक ओपनर) का उपयोग किया जाता है
à¤à¤• बाहरी फ़ाइल जिसमें चितà¥à¤°, चितà¥à¤°à¤£ आदि होते हैं।
हम रोगी के साथ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ ऑपरेटिंग टेबल पसंद करते हैं और सरà¥à¤œà¤¨ के विपरीत सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ इमेज इंटेनà¥à¤¸à¤¿à¤«à¤¾à¤¯à¤° की सी-आरà¥à¤®à¥¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ में मरीज को हमेशा की तरह लपेटा जाता है। हम इलियाक कà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥€ तैयार करते हैं और टखने पर उà¤à¤¾à¤° को कम करने के लिठà¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महीन सà¥à¤Ÿà¥‰à¤•िनेट और à¤à¤• पारदरà¥à¤¶à¥€ चिपकने वाली डà¥à¤°à¥‡à¤ª का उपयोग करके पैर को कवर करते हैं ताकि सà¥à¤§à¤¾à¤° के बाद फेमोरोटिबियल संरेखण का बेहतर आकलन करना संà¤à¤µ हो सके। यदि इलियाक कà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ बोन ऑटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥à¤Ÿ का उपयोग किया जाना है, तो ipsilateral कà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¥€ तैयार और लपेटा जाता है। टूरà¥à¤¨à¤¿à¤•ेट फà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है।
चरण 2: आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी
सà¤à¥€ मामलों में ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ से पहले आरà¥à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी की गई। यहाà¤, आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी दो उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पूरा करता है। सबसे पहले, यह औसत दरà¥à¤œà¥‡ का कमà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट और पेटेलोफेमोरल संयà¥à¤•à¥à¤¤ दोनों की सापेकà¥à¤· अखंडता का आकलन करने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता है और दूसरा, यह किसी à¤à¥€ अंतरà¥à¤—रà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¥€ विकृति के उपचार की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, जैसे कि मेनिसà¥à¤•ल फà¥à¤²à¥ˆà¤ª या पूरà¥à¤µà¤•ाल टिबियल ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤Ÿ को हटाना।
चरण 3: चीरा और जोखिम
फीमर के पारà¥à¤¶à¥à¤µ पहलू को तà¥à¤µà¤šà¤¾ और पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• मानक सीधी चीरा के माधà¥à¤¯à¤® से उजागर किया जाता है, दो अंगà¥à¤²-चौड़ाई दूर से à¤à¤ªà¤¿à¤•ॉनà¥à¤¡à¤¾à¤‡à¤² तक शà¥à¤°à¥‚ होती है और चीरा को लगà¤à¤— 12 सेमी तक फैलाती है। विचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¤¨ को विशाल लेटरलिस तक ले जाया जाता है, जिसे à¤à¤• विशेष समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ होमन रिटà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤° का उपयोग करके पशà¥à¤šà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤¶à¥à¤µà¤¿à¤• इंटरमसà¥à¤•à¥à¤¯à¥à¤²à¤° सेपà¥à¤Ÿà¤® से वापस ले लिया गया था। छिदà¥à¤°à¤¿à¤¤ वाहिकाओं की अपेकà¥à¤·à¤¾ की जाती है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संयà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° या इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¯à¥‚टरी से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाना चाहिà¤à¥¤ संयà¥à¤•à¥à¤¤ कैपà¥à¤¸à¥‚ल बरकरार रहता है, और पारà¥à¤¶à¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ उजागर होती है। पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के लचीलेपन से सà¥à¤—म होती है।
चरण 4: ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€
जहाजों की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठऔर पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ को वांछित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने के लिठऊरॠमेटाफिसिस के पीछे के पहलू के तहत à¤à¤• होमन रिटà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° रखा गया है। विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के साथ और फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक नियंतà¥à¤°à¤£ के तहत, à¤à¤• गाइड वायर को डिसà¥à¤Ÿà¤² फीमर के माधà¥à¤¯à¤® से लेटरल से मेडियल तक मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¹à¤¸à¥à¤¤ से डà¥à¤°à¤¿à¤² किया जाता है (चितà¥à¤°à¥¤ 7अ). थोड़ी तिरछी दिशा (लगà¤à¤— 20 °) को पारà¥à¤¶à¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ पर à¤à¤• समीपसà¥à¤¥ बिंदॠसे बनाठरखा जाना चाहिà¤, पारà¥à¤¶à¥à¤µ à¤à¤ªà¤¿à¤•ॉनà¥à¤¡à¤¾à¤‡à¤² के ऊपर तीन अंगà¥à¤² की चौड़ाई, टà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° नाली के ऊपर, कà¥à¤› मिलीमीटर समीपसà¥à¤¥ से औसत दरà¥à¤œà¥‡ का à¤à¤ªà¤¿à¤•ॉनà¥à¤¡à¤¾à¤‡à¤² (चितà¥à¤°à¥¤ 7 बी). टी-पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ को ऊरॠशाफà¥à¤Ÿ के साथ अचà¥à¤›à¥€ तरह से उनà¥à¤®à¥à¤– करने के लिठऑसिलेटिंग आरी के उपयोग की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठऔर ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को फीमर की लंबी धà¥à¤°à¥€ पर लंबवत रखने के लिठउपकरणों की पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤• सरल ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कटिंग गाइड à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। ऑसिलेटिंग सॉ बà¥à¤²à¥‡à¤¡ को समीपसà¥à¤¥ और कटिंग गाइड के समानांतर रखते हà¥à¤ ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ की जाती है (चितà¥à¤° 1)। 8अ) संयà¥à¤•à¥à¤¤ में ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ को रोकने के लिà¤à¥¤ आरी का उपयोग पारà¥à¤¶à¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾ की गहराई में केवल 1 सेमी काटने के लिठकिया जाता है। ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ को खतà¥à¤® करने के लिठà¤à¤• तेज ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤® का उपयोग किया जाता है। सरà¥à¤œà¤¨ को निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ होना चाहिठकि पूरà¥à¤µà¤•ाल और पशà¥à¤š पà¥à¤°à¤¾à¤‚तसà¥à¤¥à¤¾, साथ ही साथ सà¤à¥€ रदà¥à¤¦à¥€ मेटाफिसिस पूरी तरह से बाधित हैं, लेकिन बरकरार हडà¥à¤¡à¥€ (लगà¤à¤— 1 सेमी) के औसत दरà¥à¤œà¥‡ का हिंज संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤ ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ करते समय, उचित गहराई और कटौती की दिशा सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठफà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के साथ नियमित रूप से पà¥à¤°à¤—ति की जांच करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। जैक ओपनर (चितà¥à¤° 3) की सहायता से ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ को सà¥à¤§à¤¾à¤° की वांछित डिगà¥à¤°à¥€ तक आसानी से खोला जाता है।
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